अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कोरबा पुलिस अधिकारिय कर्मचारी ने वृद्धजनों से लिया आशीर्वाद, भोजन कर बांटी खुशियाँ।
कोरबा पुलिस।

मॉर्निंग माइंड कोरबा – अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कोरबा पुलिस ने समाज में एक अनूठी मिसाल पेश की। पुलिस अधिकारियों एवं स्टाफ ने वृद्धाश्रम जाकर वहाँ रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से आशीर्वाद लिया और उनके साथ मिलकर भोजन किया। इस अवसर पर वृद्धजनों के चेहरों पर मुस्कान देखकर माहौल भावुक और प्रेरणादायी बन गया।

प्रशांति विद्याश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में कुसमुण्डा टीआई युराज तिवारी, सर्वमांगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी सहित थाने एवं चौकी के सभी स्टाफगण मौजूद रहे। पुलिस विभाग के इस मानवीय पहल ने समाज को यह संदेश दिया कि वृद्धजन हमारे अनुभव, संस्कार और आशीर्वाद की धरोहर हैं, जिन्हें सम्मान और स्नेह देना हर किसी का दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य, दिनचर्या और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली और आश्रम प्रबंधन को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। वृद्धजनों ने भी पुलिस के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि समाज में जब जवान पीढ़ी बुजुर्गों को सम्मान देती है, तो उनका जीवन और भी सहज और सुखद बन जाता है।

कुसमुण्डा टीआई युराज तिवारी ने कहा कि वृद्धजन समाज की रीढ़ होते हैं। उनके आशीर्वाद और अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। ऐसे अवसर हमें यह याद दिलाते हैं कि जिन माता-पिता और बुजुर्गों ने अपने जीवन का अमूल्य समय हमें पालने-पोसने और शिक्षित करने में लगाया, उन्हें हमें जीवन के इस पड़ाव में स्नेह और साथ देना चाहिए।
सर्वमांगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का भाव जागृत करना भी उसका कर्तव्य है। आज वृद्धाश्रम में आकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना हम सभी के लिए आत्मसंतोष का अनुभव है।

कार्यक्रम में पुलिस स्टाफ ने भी वृद्धजनों से बातचीत की, उनके अनुभवों और जीवन संघर्षों की कहानियाँ सुनीं। इस दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो उठे और उन्होंने कहा कि परिवार से दूर रहना कठिन है, लेकिन जब समाज के लोग आकर उनके साथ समय बिताते हैं तो उन्हें लगता है कि वे अकेले नहीं हैं।
भोजन वितरण के समय पुलिस अधिकारियों ने वृद्धजनों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन किया। इस मिलनसार और आत्मीय माहौल में बुजुर्गों ने आशीर्वाद देकर अधिकारियों को दीर्घायु और समाज की सेवा करने की प्रेरणा दी।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश लेकर आई। इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट हुआ कि यदि प्रत्येक संस्था और नागरिक बुजुर्गों के सम्मान और सेवा का संकल्प लें तो वृद्धाश्रमों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का जीवन और भी सुखमय बन सकता है।




